राजेश कुमार,खोदावंदपुर/बेगूसराय। जलवायु परिवर्तन, घटते वन क्षेत्र और बढ़ते प्रदूषण के दौर में जहां अधिकांश लोग पर्यावरण संरक्षण की चर्चा तक सीमित हैं, वहीं बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत ढरहा गांव निवासी 35 वर्षीय राजेश कुमार सुमन ने इसे अपना जीवन मिशन बना लिया है. देशभर में ‘ऑक्सीजन मैन’ के नाम से पहचान बना चुके राजेश कुमार सुमन ने मुंबई की आरामदायक जिंदगी छोड़कर पर्यावरण, जल और वन संरक्षण के लिए ऐसा अभियान शुरू किया, जो आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है. राजेश कुमार सुमन ने बेटी बचाओ, पर्यावरण बचाओ और जल संरक्षण का संदेश लेकर देश के विभिन्न राज्यों में करीब 1 लाख किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की है. इस दौरान उन्होंने निजी खर्च से 7 लाख से अधिक बेटियों के सम्मान में आम, लीची और अमरूद के पौधे लगाकर एक अनूठा रिकॉर्ड स्थापित किया है.
अनोखा अंदाज बना पहचान:-
ऑक्सीजन मैन की पहचान उनके विशेष स्वरूप से होती है. वे पीठ पर पौधा लिए जार और नाक में ऑक्सीजन मास्क लगाकर सड़कों पर निकलते हैं. उनके हाथ में तिरंगा और “सांसे हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम” लिखा प्लेकार्ड रहता है. उनके अनुसार यह आने वाले समय की चेतावनी है कि यदि आज पेड़ नहीं बचाए गए तो भविष्य में लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे जीवन जीना पड़ सकता है. नई दिल्ली के इंडिया गेट से लेकर पटना, मुंबई और देश के अनेक शहरों एवं गांवों में वे इसी स्वरूप में लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते रहे हैं.
लोगों ने कहा पागल, फिर बना आंदोलन:-
ऑक्सीजन मैन बताते हैं कि शुरुआती दौर में वे शादी, जन्मदिन, वर्षगांठ, मुंडन और अन्य सामाजिक आयोजनों में पौधे भेंट करने पहुंचते थे. कई बार लोगों ने उनका स्वागत किया, लेकिन कई अवसरों पर उन्हें कार्यक्रमों से भगा भी दिया गया. कुछ जगहों पर उन्हें भोजन तक नहीं करने दिया गया. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पीठ पर पौधा और नाक में ऑक्सीजन मास्क लगाकर अभियान शुरू किया तो लोग उन्हें पागल कहने लगे. कई युवा उनका मजाक उड़ाते थे. बावजूद इससे उन्होंने हार नहीं मानी और अपने अभियान को आगे बढ़ाते रहे. कोविड-19 महामारी के दौरान ऑक्सीजन संकट सामने आने के बाद लोगों ने उनके संदेश की गंभीरता को समझा. आज स्थिति यह है कि विवाह समारोहों में उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता है और कई परिवार वर-वधू को उनके हाथों पौधा दिलाकर हरित आशीर्वाद लेने को शुभ मानते हैं.
बेटी के नाम पौधरोपण बना मिशन:-
राजेश कुमार सुमन ने बेटी बचाओ अभियान को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए बेटियों के नाम पर पौधरोपण की परंपरा शुरू की. उनके अनुसार प्रत्येक बेटी के जन्म पर एक फलदार पौधा लगाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बेटियों के सम्मान का संदेश भी समाज तक पहुंचता है. उन्होंने अब तक 7 लाख से अधिक पौधे बेटियों के नाम पर लगवाए हैं और कई गांवों में “हर घर पौधा, हर बेटी सम्मान” अभियान चला रहे हैं.
ग्रीन पाठशाला से तैयार हो रहे पर्यावरण प्रहरी:-
ऑक्सीजन मैन के नेतृत्व में युवाओं की टीम द्वारा ग्रीन पाठशाला बीएसएस क्लब का संचालन किया जा रहा है. यहां बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के साथ विद्यार्थियों से गुरु दक्षिणा के रूप में पौधरोपण कराया जाता है. उनके अनुसार हजारों युवा इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विभिन्न सरकारी सेवाओं में भी सफलता प्राप्त कर चुके हैं.
पीएमओ ने भी की सराहना:-
राजेश कुमार सुमन के पर्यावरण संरक्षण अभियान की सराहना देश के कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति कर चुके हैं. उनके कार्यों की प्रशंसा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के सोशल मीडिया मंच पर भी की जा चुकी है. उन्हें पर्यावरण सांसद, ग्लोबल एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज लीडर, पर्यावरण योद्धा समेत अनेक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तथा पूर्व पर्यावरण मंत्री सुनील कुमार, जिलाधिकारी समस्तीपुर सहित कई संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित किया है.
लोगों से अपील:-
ऑक्सीजन मैन का कहना है कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य शुभ अवसरों पर केवल उत्सव मनाने के बजाय पौधरोपण को भी संस्कार बनाया जाना चाहिए. उनका मानना है कि पेड़ केवल फल ही नहीं देते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवनदायिनी ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराते हैं. उन्होंने लोगों से पुराने जंगलों को बचाने, जल संरक्षण करने और हर परिवार में कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की है. उनका सपना है कि देश के अधिक से अधिक गांव “इको विलेज” और “कार्बन निगेटिव विलेज” बनें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकें.