राजेश कुमार,खोदावंदपुर/बेगूसराय। समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर प्रखंड अंतर्गत सुरौली पंचायत के वार्ड 3 स्थित रविदास टोला में गुरुवार को 70 वर्षीय मेघनी देवी के महापरिनिर्वाण के उपरांत आयोजित श्रद्धांजलि सभा सामाजिक जागरूकता और वैज्ञानिक सोच के प्रसार का मंच बन गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक अरविंद कुमार राम ने की, जबकि मंच संचालन अशोक कुमार राम ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत तथागत गौतम बुद्ध, भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर एवं संत शिरोमणि रविदास के तैलचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई. इसके बाद उपस्थित लोगों ने दिवंगत मेघनी देवी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. सभा को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के पूर्व अल्पसंख्यक आयोग सदस्य एवं साइंस फॉर सोसाइटी, पटना से जुड़े भंते बुद्ध प्रकाश ने समाज में फैले अंधविश्वास, पाखंड और ढोंग पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि जिस चीज को लोग जादू या चमत्कार समझकर अंधविश्वास का शिकार हो जाते हैं, वह वास्तव में विज्ञान के सरल प्रयोग और रासायनिक प्रक्रियाओं का परिणाम होता है. कुछ लोग इन्हीं वैज्ञानिक तथ्यों का दुरुपयोग कर भोली-भाली जनता को भ्रमित करते हैं. उन्होंने लोगों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और हर घटना को तर्क एवं विज्ञान की कसौटी पर परखने की अपील की. भंते बुद्ध प्रकाश ने मृत्यु भोज की प्रथा को सामाजिक अभिशाप बताते हुए कहा कि किसी परिवार पर शोक की घड़ी में अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना मानवता और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है. उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाएं समाज को कमजोर करती हैं और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं. उनके विचारों से प्रभावित होकर दिवंगत मेघनी देवी के पुत्र सुरेंद्र राम, पौत्र रविरंजन, शशिरंजन एवं संजीव राम सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने मृत्यु भोज का बहिष्कार करने तथा पाखंड और अंधविश्वास के खिलाफ जनजागरण चलाने का सामूहिक संकल्प लिया. कार्यक्रम को प्रेमचंद सिंह, राम कुमार महतो, भजन राम, डॉ राम स्वार्थ प्रसाद एवं भंते निरंजन बौद्ध ने भी संबोधित किया. मौके पर सुरेंद्र कुमार सदा, ममता देवी, राधा कुमारी, कंचन कुमारी, समिता कुमारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि सभा के साथ-साथ सामाजिक सुधार, वैज्ञानिक चेतना और कुरीतियों के उन्मूलन का एक सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ.