खोदावंदपुर,बेगूसराय। खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र के फफौत पंचायत अंतर्गत चकवा गांव के वार्ड-11 में आशा कार्यकर्ता चयन को लेकर नया विवाद सामने आया है. गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने आशा कार्यकर्ता की अभ्यर्थी सरिता कुमारी के मानसिक स्वास्थ्य की चिकित्सकीय जांच कराने की मांग करते हुए गत 14 जुलाई को सिविल सर्जन, बेगूसराय को स्पीड पोस्ट के माध्यम से सामूहिक आवेदन भेजा गया है.
*चकवा गांव में हुए ग्रामसभा की फाइल फोटो*
ग्रामीणों द्वारा भेजे गए आवेदन में बताया गया है कि वार्ड-11 में आशा कार्यकर्ता के रिक्त पद पर चयन के लिए 6 जून 2026 को मुखिया उषा देवी की अध्यक्षता में ग्राम सभा आयोजित की गयी थी, जिसमें पांच महिलाओं ने आवेदन दिया था. इनमें सरिता कुमारी भी शामिल है. आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरिता कुमारी मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और इसी कारण पूर्व में जीविका समूह से भी उन्हें कार्य से हटा दिया गया था. आवेदन में यह भी कहा गया है कि उनकी मानसिक स्थिति की जानकारी गांव के अधिकांश लोगों को है. ऐसे में आशा कार्यकर्ता जैसे महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य से जुड़े पद पर चयन से पहले उनके मानसिक स्वास्थ्य की निष्पक्ष चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है. ग्रामीणों ने सिविल सर्जन से मांग की है कि संबंधित अभ्यर्थी की विधिवत मेडिकल जांच करायी जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो सकें. इस सामूहिक आवेदन पर दयावंती कुमारी, हेमा कुमारी, रीता कुमारी, पूजा कुमारी समेत करीब 100 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.
ग्रामीणों द्वारा भेजे गए आवेदन में बताया गया है कि वार्ड-11 में आशा कार्यकर्ता के रिक्त पद पर चयन के लिए 6 जून 2026 को मुखिया उषा देवी की अध्यक्षता में ग्राम सभा आयोजित की गयी थी, जिसमें पांच महिलाओं ने आवेदन दिया था. इनमें सरिता कुमारी भी शामिल है. आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरिता कुमारी मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और इसी कारण पूर्व में जीविका समूह से भी उन्हें कार्य से हटा दिया गया था. आवेदन में यह भी कहा गया है कि उनकी मानसिक स्थिति की जानकारी गांव के अधिकांश लोगों को है. ऐसे में आशा कार्यकर्ता जैसे महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य से जुड़े पद पर चयन से पहले उनके मानसिक स्वास्थ्य की निष्पक्ष चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है. ग्रामीणों ने सिविल सर्जन से मांग की है कि संबंधित अभ्यर्थी की विधिवत मेडिकल जांच करायी जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो सकें. इस सामूहिक आवेदन पर दयावंती कुमारी, हेमा कुमारी, रीता कुमारी, पूजा कुमारी समेत करीब 100 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.
हालांकि इस मामले में संबंधित अभ्यर्थी सरिता कुमारी या स्वास्थ्य विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है. जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.