राजेश कुमार/खोदावंदपुर। बेगूसराय जिले के लिए गौरव की बात है कि बेगूसराय अंचल के प्रभारी अंचल निरीक्षक कुमार रजनीश के पुत्र डॉ कुमार सौरभ पीटी एवं उनकी शोध टीम को चिकित्सा एवं पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता मिली है. दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता और शारीरिक संतुलन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित उनके विशेष उपकरण "मल्टी-सपोर्ट पीडियाट्रिक मोबिलिटी असिस्टेंस डिवाइस विद स्टेबलाइजिंग बेस स्ट्रक्चर" के डिजाइन का पंजीकरण भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया) द्वारा कर दिया गया है. जारी प्रमाणपत्र के अनुसार इस डिजाइन का डिजाइन नंबर 498303-001 है. आवेदन 13 अप्रैल 2026 को किया गया था, जबकि पंजीकरण प्रमाणपत्र 24 जून 2026 को जारी किया गया. यह पंजीकरण डिजाइंस एक्ट, 2000 एवं डिजाइंस रूल्स, 2001 के तहत प्रदान किया गया है. यह अत्याधुनिक उपकरण विशेष रूप से उन बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें चलने-फिरने, खड़े होने या शरीर का संतुलन बनाए रखने में कठिनाई होती है. विशेषज्ञों के अनुसार यह डिवाइस बच्चों को सुरक्षित सहारा प्रदान करने के साथ-साथ उनके पुनर्वास, फिजियोथेरेपी और दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
डॉ कुमार सौरभ ने इस शोध कार्य को अपनी बहु-सदस्यीय टीम के साथ मिलकर पूरा किया. टीम में डॉ लियो रथिनराज एंटनी सौंदरराजन, डॉ हर्षिता कपूर, डॉ पवनी गुप्ता, डॉ रूपम सरकार, डॉ तनिया वैद्य, डॉ कनिका बिष्ट, डॉ कुमार सौरभ, डॉ मेहुल नरनभाई डाभी, डॉ तनिगैसेल्वाने डी.जे. तथा डॉ मुथुकुमारन कल्याणसुंदरम शामिल हैं.
चिकित्सा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह उपकरण भविष्य में दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास कार्यक्रमों, फिजियोथेरेपी केंद्रों, अस्पतालों तथा विशेष विद्यालयों में काफी उपयोगी सिद्ध हो सकता है, इससे बच्चों की गतिशीलता बढ़ाने के साथ उनके शारीरिक संतुलन और आत्मविश्वास में भी सुधार आने की संभावना है. डॉ कुमार सौरभ और उनकी टीम की इस उपलब्धि से बेगूसराय जिले में खुशी का माहौल है. सामाजिक, शैक्षणिक एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए पूरी टीम को बधाई दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान न केवल डॉ सौरभ और उनके परिवार के लिए सम्मान की बात है, बल्कि बेगूसराय के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है.