खोदावंदपुर,बेगूसराय। खोदावंदपुर अंचल कार्यालय में नवपदस्थापित अंचल अधिकारी की कथित अनियमित उपस्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. अंचल से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने वाले फरियादियों को सीओ के नहीं मिलने से बैरंग लौटना पड़ रहा है, इससे दाखिल-खारिज, भूमि विवाद समेत अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार अंचल अधिकारी हरिकेश त्रिपाठी ने 10 जुलाई को खोदावंदपुर अंचल का कार्यभार संभाला है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद से वे अक्सर बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं. बताया जाता है कि उन्होंने अब तक मुख्यालय स्थित सरकारी आवास में निवास शुरू नहीं किया है और जिला मुख्यालय बेगूसराय में रह रहे हैं. आवश्यकता पड़ने पर कार्यालय के कर्मी फाइलें लेकर बेगूसराय जाते हैं तथा सरकारी वाहन से उन्हें मुख्यालय लाया जाता है. लोगों का कहना है कि इससे सरकारी संसाधनों और ईंधन की अनावश्यक खपत होती है. सरकारी नियमों के अनुसार पदस्थापित अधिकारी को अपने मुख्यालय में उपलब्ध रहना चाहिये. यदि सरकारी आवास उपलब्ध नहीं हो तो आसपास किराये के मकान में रहने का प्रावधान है, जबकि खोदावंदपुर में सीओ के लिए सरकारी आवास उपलब्ध होने की बात कही जा रही है. बुधवार को मेघौल निवासी रामप्रीत यादव ने बताया कि वे कई दिनों से दाखिल-खारिज के कार्य को लेकर अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सीओ के नहीं मिलने से उनका काम लंबित है. उन्होंने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि शिकायत किससे करें. वहीं प्रखंड राजद अध्यक्ष मोहम्मद जियाउर रहमान उर्फ सैफी एवं माले नेता अवधेश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी सीओ की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई. उनका कहना है कि हाल ही में किसी समस्या को लेकर वे अंचल कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन सीओ मौजूद नहीं थे. आरोप है कि उनके सरकारी मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ. जन-प्रतिनिधियों ने यह भी दावा किया कि सागी पंचायत के नुरुल्लाहपुर गांव के एक भूमि विवाद की जांच के लिए एडीएम को खोदावंदपुर आगमन के दौरान भी सीओ उपस्थित नहीं थे. राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अंचल अधिकारी की मुख्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि आम लोगों के कार्य समय पर हो सकें. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और मुख्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हुई तो आंदोलन किया जायेगा.
सीओ का पक्ष:
इस संबंध में अंचल अधिकारी हरिकेश त्रिपाठी का पक्ष जानने के लिए उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे बात नहीं हो सकी. उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.