टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 54 मरीजों के बीच पोषाहार किट का वितरण *6 जुलाई से 14 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान, मरीजों को दवा के साथ दी गई स्वास्थ्य संबंधी सलाह*

खोदावंदपुर,बेगूसराय। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र  खोदावंदपुर में सोमवार को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों के बीच पोषाहार किट का वितरण किया गया. अभियान के अंतर्गत 6 जुलाई से 14 अगस्त तक विशेष जागरूकता एवं उपचार कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसी क्रम में बरौनी रिफाइनरी (आईओसीएल) के सहयोग से 54 टीबी मरीजों को पोषाहार किट उपलब्ध करायी गयी, साथ ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को नियमित सेवन के लिए आवश्यक दवाएं भी दी गयी तथा उपचार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गयी. वितरित किए गए निश्चय पोषाहार किट में सुधा दूध, बादाम गिरी, चनिया (मूंगफली), सोयाबीन, मखाना एवं बॉर्नविटा सहित पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल थी. चिकित्सकों ने बताया कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार टीबी मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए दवा के साथ पौष्टिक भोजन का नियमित सेवन भी जरूरी है. कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल प्रसाद, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सत्यदर्शी कुमार, बीसीएम वकील मोची, एसटीएस प्रमोद कुमार, एलटी मनोज कुमार एवं एएनएम प्रमिला कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मौजूद थे. कार्यक्रम की जानकारी देते हुए एसटीएस प्रमोद कुमार ने बताया कि टीबी एक संक्रामक (छूत की) बीमारी है, लेकिन समय पर जांच, नियमित दवा और सावधानी बरतने से इसका पूरी तरह इलाज संभव है. उन्होंने मरीजों को सलाह दी कि उपचार की अवधि में चिकित्सकों के निर्देशों का पालन करें, खांसते या छींकते समय मुंह ढंकें, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं. उन्होंने यह भी कहा कि टीबी मरीज के परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपनी जांच अवश्य करा लेनी चाहिए, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में अधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीबी की जांच अवश्य कराएं. समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है.